जयपुर में रहस्यमय और अचानक मृत्यु ने एक संभावना को जन्म दिया है कि डिजिटल मुद्रा में लगभग 1,000 करोड़ रुपये के क्रिप्टोकरंसी लॉक हो सकते है।


यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह है, जो दो दुनियो के बीच मे लिखि हे वास्तविक और
वर्चुअल। सैकड़ों करोड़ रुपये हैं, जो एक पासवर्ड वाले ताले मे लॉक होगये है और पासवर्ड जिस आदमी को पता था वो मर गया है। इस कहानी का सितारा एक गेराल्ड विलियम कॉटन है, जो
एक स्टार्टअप का संस्थापक है जो क्रिप्टोकरंसी में काम करता है।

दिसंबर 2013 में, गेराल्ड विलियम कॉटन ने एक क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज क्वाड्रिगासीएक्स लॉन्च किया, जहां लोग वास्तविक या वर्चुअल पैसे का उपयोग करके डिजिटल मुद्रा में व्यापार कर सकते थे। पिछले कुछ महीनों से, क्वाड्रिगासीएक्स कानूनी मुसीबत में चला गया, क्योंकि इसके ग्राहकों को अपने पैसे इस्तेमाल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, चाहे वह वास्तविक हो या वर्चुअल।

दिसंबर 2018 में आंत संबंधी बीमारी के चलते गेराल्ड की मौत हो गई। कंपनी के सोशल मीडिया पेज के माध्यम से बताया गया कि गेराल्ड की मौत उस दौरान हुई, जब वह भारत की यात्रा पर थे। यह भी बताया गया कि वह भारत में अनाथ बच्चों के लिए एक अनाथालय खोलने वाले थे। कंपनी ने अपने पोस्ट में कहा, “अब जब हम इस स्थिति को अपने पीछे रख सकते हैं, तो हम अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने और कनाडा के लोगों के लिए एक बेहतर क्रिप्टोक्यूरेंसी ट्रेडिंग अनुभव की पेशकश पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तत्पर हैं।”

गेराल्ड की पत्नी को भी नहीं पता पासवर्ड 


गेराल्ड के मरने की खबर तब सामने आई जब उनकी पत्नी जेनिफर रॉबर्टसन और उनकी कंपनी ने कनाडा की कोर्ट में क्रेडिट प्रोटेक्शन की अपील दायर की। याचिका में कहा गया कि वे गेराल्ड के इनक्रिप्टेड अकाउंट (जिसमें उनकी संपत्ति है) को अनलॉक नहीं कर पा रहे हैं। इसी अकाउंट में लगभग 190 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरंसी भी लॉक्ड है। दरअसल, गेराल्ड जिस लैपटॉप से अपना सारा काम करते थे, वह इनक्रिप्टेड है और उसका पासवर्ड उनकी पत्नी जेनिफर के पास भी नहीं है।